The best Side of Peepal

मैया गुफ्फा की आज्ञा मन रिद्धि सिद्धि देवी आनजप शुरु करने से पहले अपनी रक्षा अवश्य करें। ऊँ ह्रीं श्रीं चामुण्डा सिंहवाहिनी बीसहस्ती भगवती रत्नमण्डित सोनन की माल ।धर्म ज्ञाननवरात्रि स्पेशलछठ पूजा विशेषमुहूर्त एवं तिथिपितृपक्षमहाकुंभश्रावण विशेषजब ऐसा हो जाता है तो कहते हैं कि मंत्र सिद्ध हो गया। ऐसा मंत्र को लगातार जपते रहने से होता है। यदि आपका ध्यान इधर, उधर भटक रहा है तो फिर मंत्र को सिद्ध होने में भी विलंब होगा। कहते हैं कि 'करत-करत अभ्यास से जडमति होत सुजान। रसरी आवत-जात से सिल पर पड़त निसान॥'क्योंकि बिना नियम का पालन किए हुए कोई भी देवी या देवता प्रसन्न नहीं होते हैं, इसलिए अगर किसी साधक को किसी भी प्रकार की सिद्धि करनी है तो उसे पूरी विधि विधान से मंत्र जाप और अपनी साधना विधि करनी चाहिए तभी उसे अपनी साधना में सफलता मिलेगी.जो जो हनुमंत धगधजित फलफलित आयुराष: click here खरूराहसाधना समय में असली धूप का हीं उपयोग करें। ❤ इसे और लोगो (मित्रो/परिवार) के साथ शेयर करे जिससे वह भी जान सके और इसका लाभ पाए ❤हम इस वेबसाइट पर अपने साधको को साधना सिखाने के लिए बहुत महेनत करके पोस्ट लिखते हे क्योकि यहाँ जो मंत्र और विधि बताई जाती हे वो सटीक होती हे हमारी पोस्ट आप भक्तो को और साधको को अच्छी लगे तो आप हमें हमारे निचे दिए गई स्केनर पर अपना अनुदान कर सकते हे ताकि हमें काम करने में प्रोत्साहन मिले और आगे हम आपके लिए सेवा कर सके!!उत्तरपथ में आप बठी, हाथ सिद्ध वाचा ऋद्धि-सिद्धि । धनधान्य देहि-देहि कुरु-कुरु स्वाहा ।।साधना काल में धूम्रपान या कोई अन्य नशा आदि न करें। ” ॐ भगवती भग भाग दायिनी देव दत्तीं मम वश्यं कुरु कुरु स्वाहा ”ताकि वह ग्रहण काल में अपनी मनचाही सिद्धि कर पाए, ग्रहण काल में चाहे वैदिक मंत्र हो या फिर साबर मंत्र हो दोनों की सिद्धि की जा सकती है और दोनों ही मंत्र बड़ी जल्दी सिद्ध हो जाते हैं.

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